बुधवार, 3 जुलाई 2013

आशीष नैथानी की ‘तिश्नगी’ का लोकार्पण 7 को

साहित्य मंथन
13-2/1/ए - गुप्ता गार्डन, हैदराबाद - 500 013, 

मोबाइल - 09293228461
“अंधेरी रात में/
रोशन सुबह का ख़्वाब अच्छा है./ बच्चे के चहरे पे हँसी है/
शहर में,/ 
कुछ तो जनाब अच्छा है.” 

यह कविता युवा कवि आशीष नैथानी ‘सलिल’ के सद्यःप्रकाशित कविता संग्रह ‘तिश्नगी’ में शामिल है. उत्तराखंड के पौड़ी गडवाल में जन्मे आशीष नैथानी इन दिनों हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और एक सक्रिय ब्लॉगर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं.

‘साहित्य मंथन’ के तत्वावधान में आगामी 7 जुलाई, 2013, रविवार को सायं 4 बजे दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के खैरताबाद स्थित परिसर में आशीष नैथानी ‘सलिल’ के प्रथम कविता संग्रह ‘तिश्नगी’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया जा रहा है.

लोकार्पण प्रतिष्ठित कवि एवं समीक्षक प्रो ऋषभदेव शर्मा द्वारा किया जाएगा तथा प्रो एम.वेंकटेश्वर एवं डॉ अहिल्या मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे. ‘भास्वर भारत’ के संपादक डॉ राधेश्याम शुक्ल लोकार्पण समारोह के अध्यक्ष होंगे. युवा समीक्षक डॉ बी.बालाजी विमोच्य कृति का परिचय देंगे. 

आज आयोजित ‘साहित्य मंथन’ की बैठक में लोकार्पण समारोह समिति का गठन किया गया. जिसके सदस्यों में डॉ जी.नीरजा, ज्योति नारायण, राधाकृष्ण मिरियाला और जी.संगीता के नाम सम्मिलित हैं. 

समारोह संयोजक डॉ जी.नीरजा ने सभी साहित्य प्रेमियों से ‘तिश्नगी’ के लोकार्पण समारोह में उपस्थित होने का अनुरोध किया है.