शुक्रवार, 31 अक्तूबर 2014

''समकालीन साहित्य की चुनौतियाँ'' पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न












कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड के हिंदी विभाग ने अयोध्या शोध संस्थान, अयोध्या और साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था, उल्हासनगर के सहयोग से 30 - 31 अक्टूबर 2014 को धारवाड में ''आधुनिक हिंदी साहित्य की चुनौतियाँ'' विषयक द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया. उद्घाटन अमेरिका से पधारीं कवयित्री देवी नागरानी ने किया.

उद्घाटन के बाद प्रथम सत्र का विषय रहा -'आधुनिक हिंदी कविता की चुनौतियाँ'. इसकी अध्यक्षता खंडवा से आए डॉ. श्रीराम परिहार ने की. विशेष वक्ता थे  डॉ. ऋषभ देव शर्मा, डॉ. प्रतिभा मुदलियार और डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा. इस सत्र में लगभग 10 आलेख प्रस्तुत किए गए.

विजयवाडा से आए प्रतिभागी वेंकट कृष्ण मोहन ने सदाशयतापूर्वक इस सत्र के कुछ चित्र भेजे हैं. उन्हें  यहाँ सहेजा जा रहा है -