मंगलवार, 4 सितंबर 2012

बीडीएल (भानूर) में हिंदी पक्षोत्सव का उद्घाटन

बाएँ से पी  आर वी प्रसाद, महा प्रबंधक (भा.इ),  ए वी के चारी, उप महा प्रबंधक (का. एवं  प्रशा.) 

हैदराबाद, 4 सितंबर 2012 [डॉ. बी. बालाजी] 

महा प्रबंधक बीडीएल भानूर पी आर वी प्रसाद 
भानूर [आंध्र प्रदेश] स्थित रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के उद्यम भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) में दिनांक 03.09.2012 को हिंदी पक्षोत्सव समारोह का उद्घाटन किया गया। समारोह का उद्घाटन बीडीएल भानूर इकाई के महाप्रबंधक पी आर वी प्रसाद ने दीप प्रज्वलित करके किया। सरस्वती वंदना के पश्चात उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि हिंदी का प्रचार-प्रसार करना हम सबका संवैधानिक दायित्व है। हिंदी ही देश की राजभाषा है और रहेगी। राजनीतिक झमेलों में पड़े बिना हमारा अपनी भाषा के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है। उन्होंने आशा जताई कि बीडीएल के कर्मचारी बीडीएल में हिंदी का वातावरण बनाने में प्रबंधन का साथ देंगे। उन्होंने इस दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं। 

बीडीएल भानूर के कार्मिक एवं प्रशासन विभाग के उप महाप्रबंधक ए वी के चारी ने प्रतिभागियों को हिंदी पक्ष की शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि बीडीएल के कर्मचारी प्रतियोगिताओं में बढ़चढ़कर भाग लेकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएँगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों के लिए एक ओर जहां प्रतिभा को प्रदर्शित करने का माध्यम बनते हैं वहीं दूसरी ओर बड़ी आसानी से हिंदी का वातावरण तैयार हो जाता है। 

डॉ बी बालाजी, हिंदी अनुवादक ने हिंदी पक्षोत्सव के दौरान आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं का संक्षेप में विवरण प्रस्तुत करते हुए भाषाओं के अस्तित्व को बनाए रखने में भाषा-प्रयोक्ता की प्रभावी भूमिका की चर्चा की।  कर्मचारियों को भाषा अध्ययन विशेषकर हिंदी सीखने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने संबंधी उनकी पावर पाइंट प्रस्तुति की सबने भूरि-भूरि प्रशंसा की।    

बाद में बीडीएल के कर्मचारियों के लिए पावर पाइंट प्रस्तुतीकरण की प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें प्रथम पुरस्कार बिष्णु दत्ता जेना, द्वितीय कुलबंत सिंह सुमन और तृतीय पुरस्कार रश्मि को प्राप्त हुआ। इनके अलावा निर्णायक मण्डल अरुण कुमार, उ.म.प्र. (नवीन परियोजना), एन आर पति, उ.म.प्र.(योजना) तथा डॉ सीमा वर्मा, हिंदी प्राध्यापक के सुझाव के अनुसार जाधव प्रकाश तथा धनंजय शंकर को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। 

कार्यक्रम का संचालन कार्मिक विभाग के उप प्रबन्धक शोभित कुलश्रेष्ठ ने किया और धन्यवाद डॉ बी बालाजी ने प्रकट किया।