बुधवार, 29 अगस्त 2012

बी डी एल में हिन्दी कार्यशाला संपन्न




भारत सरकार के रक्षा मंत्रालयाधीन उद्यम भारत डायनामिक्स लिमिटेड में विभिन्‍न प्रभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए दि. 24 से 25 अगस्‍त तक एक द्वि-दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया.

कार्यशाला के आरंभ में उद्यम के वरिष्‍ठ प्रबंधक (का. एवं प्रशा. - राजभाषा) श्री होमनिधि शर्मा ने प्रतिभागियों का स्‍वागत करते हुए कार्यशाला का उद्देश्‍य और महत्‍व बताया. इसके बाद, हिंदी शिक्षण योजना, हैदराबाद के प्राध्‍यापक मोहम्‍मद कमालुद्दीन ने संस्‍कृत, हिंदी, तेलुगु, उर्दू, अंग्रेजी का तुलनात्‍मक विश्‍लेषण करते हुए शब्‍दावली निर्माण की प्रक्रिया और इसके प्रयोग की जानकारी दी. उन्‍होंने प्रतिभागियों से व्‍यावहारिक तौर पर वर्तनी, लिंग व मातृभाषा में विचार कर अनुवाद करते समय लेखन में होनेवाली त्रुटियों पर विशेष रूप से अभ्‍यास करवाया.

दूसरे सत्र में हिंदी शिक्षण योजना, हैदराबाद के प्राध्‍यापक श्री नवीन नैथानी ने हिंदी भाषा के मानकीकरण पर विस्‍तार से चर्चा करते हुए शुद्ध व मानक वर्तनी का प्रतिभागियों से अभ्‍यास करवाया. साथ ही, हिंदी भाषा की व्‍याकरणिक संरचना का सोदाहरण परिचय दिया. 

कार्यशाला के दूसरे दिन उद्यम के हिंदी अनुवादक डॉ. बालाजी ने राजभाषा के रूप में हिंदी का औचित्‍य स्‍पष्‍ट करते हुए संघ की राजभाषा नीति का विस्‍तृत परिचय दिया.

अगले सत्र में हिंदी अनुवादक डॉ. नरसिंहम शिवकोटि ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित यूनिकोड भाषिक अनुप्रयोग समझाते हुए प्रतिभागियों को कंप्‍यूटर पर मंगल यूनिकोड फाण्‍ट सक्रिय करने और इंडिक फॉनेटिक माध्‍यम से कंप्‍यूटर पर हिंदी, तेलुगु एवं अन्‍य भारतीय भाषाओं में टाइपिंग का अभ्‍यास कराया. 

कार्यक्रम के अंत में, प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए प्रतिभागियों ने बताया कि आयोजित कार्यशाला उनके लिए बहुत ही उपयोगी साबित हुई. प्रतिभागियों ने कायर्शाला के सत्रों में दी गई जानकारी का प्रयोग अपने दैनिक काम-काज में करने का संकल्‍प दोहराया. इस कार्यशाला की सफलता में हिंदी शिक्षण योजना, हैदराबाद के प्राध्‍यापक श्री श्रीरामसिंह शेखावत सहित उद्यम के राजभाषा विभाग के सभी कर्मचारियों का सक्रिय योगदान रहा. 

(प्रस्तुति- डॉ. नरसिंहम शिवकोटि)