सैक - इसरो - अहमदाबाद में हिंदी तकनीकी संगोष्ठी संपन्न
मंच पर आसीन (बाएं से) श्री विवेक कुमार जैन भा.दू.से., डॉ. सी.वी.एन. राव, डॉ. अनिल भारद्वाज, श्री सौम्य सरकार, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एवं श्रीमती नीलू सेठ |
अंतरिक्ष उपयोग केंद्र में 9-10 जुलाई 2026 को "सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय : अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी" विषय पर पूल स्तरीय हिंदी तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, भारतीय अंतरिक्षायात्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और इस समारोह की अध्यक्षता श्री सौम्य एस. सरकार, निदेशक, सैक ने की।
प्रार्थना गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ संगोष्ठी प्रारंभ की गई। मंचासीन महानुभावों का स्वागत ऑक्सीजन प्लांट भेंट कर किया गया। संगोष्ठी आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजीव कुलश्रेष्ठ ने संगोष्ठी का संक्षिप्त परिचय देते हुए स्वागत-भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी के लिए मुख्य विषय का सुझाव लेखकगणों से आमंत्रित कर चयन किया गया। इस संगोष्ठी में पहली बार गुजरात राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों के स्नातक व स्नातकोत्तर छात्रों से और नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य कार्यालयों से भी तकनीकी आलेख आमंत्रित किए गए। संगोष्ठी के लिए 200 लेख प्राप्त हुए थे, जिसमें से 167 लेखों का प्रस्तुति के लिए चयन किया गया। इसमें 130 लेख सैक कार्मिकों के, 8 लेख पीआरएल के, 27 लेख विद्यार्थियों के और 2 लेख नराकास सदस्य कार्यालयों से चयनित हुए।
तदुपरांत, मुख्य अतिथि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी ने संगोष्ठी के संक्षिप्त लेख-संग्रह का विमोचन किया। लेख संग्रह संगोष्ठी के लेखक प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत 167 लेखों का संकलन है। इसी समारोह के दौरान निदेशक, सैक द्वारा “नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति” के सुगम संचालन हेतु विकसित पोर्टल का भी विमोचन किया गया।
निदेशक, पीआरएल डॉ. अनिल भारद्वाज ने अंतरिक्ष विज्ञान जैसे गूढ़ तकनीकी विषयों पर राजभाषा हिंदी में सृजित किए जा रहे मौलिक साहित्य का उल्लेख करते हुए अपना विशेष उद्बोधन दिया। अध्यक्षीय भाषण में निदेशक, सैक श्री सौम्य एस. सरकार ने कहा कि वर्ष 1986 में प्रथम हिंदी तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन सैक द्वारा किया गया था और तब से यह निरंतर आयोजित की जा रही है। इस वर्ष इस आयोजन के 40 वर्ष पूर्ण हुए हैं जो हम सबके लिए अत्यंत गर्व का क्षण है।
| नराकास ऑनलाइन पोर्टल का विमोचन |
मुख्य अतिथि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी ने अपने उद्बोधन में अंतरिक्ष यात्रा के अपने अनुभव उपस्थित श्रोताओं के साथ साझा किए। उन्होंने अंतरिक्ष से लिए कई वीडियो दिखाए जिन्हें देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। श्री शरद शुक्ला ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का मंच-संचालन डॉ. सोनू जैन, उप निदेशक (राजभाषा) द्वारा किया गया और आभार-ज्ञापन उप निदेशक (राजभाषा) श्रीमती नीलू सेठ ने किया।
संगोष्ठी में पधारे अतिथियों के लिए ऑडिटोरियम बेसमेंट में एक सेल्फी पॉइन्ट भी बनाया गया था।
विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए संगोष्ठी उद्घाटन सत्र के पश्चात् ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जी के साथ एक परिचर्चा सत्र रखा गया था। इस सत्र में कक्षा 9-12 में पढ़ने वाले के.वि. सैक के 40 और सैक कर्मचारियों के 120 बच्चों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने शुभांशु शुक्ला जी से विभिन्न प्रश्न पूछे।
17 समानांतर सत्रों में 167 लेख प्रस्तुत किए गए जिनके सत्राध्यक्ष क्रमशः श्री विवेक कुमार जैनभा.दू.से., श्री एम.जी. सोम शेखरन नायर, डॉ. धनी राम रजक, श्री देबज्योति धर, डॉ. सेंथिल कुमार, श्री पल्लम राजू, श्री आशीष बी. मिश्रा, डॉ. मिलिंद महाजन, डॉ. सुभाष चंद्र बेरा, डॉ. सी.वी.एन. राव, श्री मुकेश पटेल, डॉ. के.के. सूद, श्री डी.के. पटेल, डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. रविशंकर जे., श्री अरूप कुमार हैत और श्री मनीष मेहता थे।
उक्त सत्रों में कुल 131 लेख पावर पाइंट माध्यम से और 36 लेख पोस्टर माध्यम से प्रस्तुत किए गए। सभी लेखकों ने ज्ञानवर्धक और प्रभावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। प्रत्येक प्रस्तुति के लिए 8 मिनिट का समय दिया गया जिसके बाद 2 मिनिट का प्रश्नकाल भी रखा गया, जिसमें उपस्थित श्रोताओं ने अपने प्रश्न रखे।
9 जुलाई 2026 की शाम को सभी प्रतिभागियों के लिए सैक एवं पीआरएल के कर्मचारियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। एक घंटे के इस कार्यक्रम में प्रार्थना नृत्य, एकल गायन, समूह नृत्य, एकांकी आदि अनेक रोचक प्रस्तुतियाँ दी गईं जिनका दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। तत्पश्चात् निदेशक डिनर आयोजित किया गया।
संगोष्ठी के दूसरे दिन पैनल चर्चा तथा प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र वितरण सत्र और उसके पश्चात् प्रत्येक सत्र की श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें अंतरिक्ष विभाग के संयुक्त निदेशक श्री एम.जी. सोम शेखरन नायर ने संगोष्ठी के आयोजन के संबंध में अपने प्रतिभाव व्यक्त किए। प्रत्येक सत्र के सत्राध्यक्ष ने अपने सत्र के दौरान प्रस्तुत लेखों और उन पर की गई चर्चा के विषय में सभा को अवगत कराया। उसके पश्चात् उस सत्र के सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) ऋषभदेव शर्मा ने उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान जैसे विषय को अक्सर नीरस माना जाता है, किंतु इस संगोष्ठी में जितनी सरल भाषा में इन विषयों पर चर्चा की गई है वह प्रशंसनीय है।
प्रत्येक सत्र की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए प्रस्तोता लेखकों को पुरस्कार एवं विशेष प्रमाण-पत्र प्रदान करने के उपरांत, निदेशक महोदय ने सभी विजेताओं को बधाई दी व संगोष्ठी के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी प्रतिभागियों, समितियों, आदि की सराहना की और अपने मुख्यधारा के कार्यों में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए समर्पित भाव से काम करने की प्रेरणा दी। सुश्री सोमा करनावट, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने पैनल चर्चा सत्र और श्रीमती नीलू सेठ, उप निदेशक (राभा) ने प्रमाण-पत्र वितरण समारोह के दौरान मंच संचालन किया। अंत में डॉ. सोनू जैन, उप निदेशक (राभा) द्वारा आभार-ज्ञापन के उपरांत कार्यक्रम पूर्ण हुआ।


