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मंगलवार, 21 दिसंबर 2021
शनिवार, 1 अगस्त 2020
'आत्मनिर्भर भारत : गांधी चिंतन की प्रासंगिकता' विषयक एकदिवसीय ई-संगोष्ठी
हैदराबाद : 31 जुलाई, 2020
जीवन की प्राथमिक आवश्यकताओं में आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। आत्मनिर्भरता और स्वायत्त समुदाय के संबंध में महात्मा गांधी ने कहा था कि प्रत्येक गाँव आत्मनिर्भर होगा तो अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाने तथा अपनी सुरक्षा भी करने में सक्षम होगा। इसका यह अर्थ नहीं कि पड़ोसियों द्वारा स्वेच्छा से की गई सहायता को अस्वीकार करें। गांधी जी चाहते थे कि भारत आत्मनिर्भर बनें और स्वस्थ राम राज्य की स्थापना करें।
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| डॉ अलका धनपत |
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| प्रो. रमेश भारद्वाज |
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भारद्वाज जी ने कहा कि हमें अपनी हीनभावना को त्यागकर अपनी मातृभाषा को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाना चाहिए। गांधी जी द्वारा प्रतिपादित शिक्षा नीति को पूरी तरह से व्यावहारिक बताते हुए उन्होंने सभी से यह अपील की कि स्वदेशी ज्ञान एवं नवाचार युक्त दृष्टि को विकसित करें। और इस प्रयास में मातृभाषा ही कारगर सिद्ध होगी। भारत की भाषाई विविधता उसकी कमजोरी नहीं बल्कि यह उसकी शक्ति है।
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| प्रो. जी. गोपीनाथन |
नॉर्वे के डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल ने कहा कि कौशल विकास जरूरी है। हिंदी और भारतीय भाषाओं के बीच आदान प्रदान की आवश्यकता है। आत्मनिर्भरता के लिए अपनी भाषा और संस्कृति को सम्मान देना जरूरी है।
दक्षिण भारत प्रचार सभा, मद्रास के विशेष अधिकारी श्री राघवेंद्र औरादकर ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट किया तथा कुलपति डॉ. षोडशीमोहन दां ने शुभकामना दी। कुलसचिव प्रो. प्रदीप के. शर्मा ने सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास की विभागाध्यक्ष प्रो. अमर ज्योति ने किया तथा शिक्षा महाविद्यालय, बैंगलोर के प्राचार्य डॉ. इसपाक अली ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
शनिवार, 4 अप्रैल 2015
शनिवार, 1 फ़रवरी 2014
महान तेलुगु कवि कालोजी की जन्म-शताब्दी पर विनम्रतापूर्वक
'MERI AWAZ'
- AN ANTHOLOGY OF 100 POEMS OF KALOJI
TRANSLATED FRON TELUGU TO HINDI -
WAS RELEASED ON 25.1.2014 AT SUNDARAYYA HALL, HYDERABAD
BY FAMOUS FILM DIRECTOR B. NARSING RAO
IN PRESENCE OF VIPLAVA POET VARAVARA RAO.
RISHABHA DEO SHARMA SPOKE ON THE BOOK AT LENGTH.
MANNAR VENKATESHWAR COORDINATED THE FUNCTION
ORGANISED BY
ANDHRA PRADESH HINDI ACADEMY.
रविवार, 19 जनवरी 2014
सोमवार, 19 अगस्त 2013
फणीश्वर नाथ 'रेणु' पर प्रो. दिलीप सिंह का वक्तव्य
13/14 अगस्त 2013 को केंदीय विश्वविद्यालय, हैदराबाद में फणीश्वर नाथ 'रेणु' पर केंद्रित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी निवर्तमान प्रोफ़ेसर डॉ.सुवास कुमार के सम्मान में आयोजित थी. पहले सत्र की अध्यक्षता प्रो. दिलीप सिंह ने की. उस सत्र में अन्य मित्रों के साथ अपुन को भी ''आंचलिकता की प्रासंगिकता और हिंदी उपन्यास'' पर बोलने का सुयोग मिला. उसी दिन लंच-काल में प्रो. दिलीप सिंह का यह वक्तव्य रिकॉर्ड किया गया था.साथ ही अन्य भी कई विद्वानों के उदगार. (ऋषभ देव शर्मा)
गुरुवार, 15 अगस्त 2013
[वीडियो] WHO IS RISHABHA ? ऋषभ देव शर्मा का परिचय -लक्ष्मी नारायण अग्रवाल
प्रसिद्ध कवि और समीक्षक प्रो. ऋषभदेव शर्मा को ११ अगस्त २०१३ को तेलुगु विश्वविद्यालय, हैदराबाद के सभागार में संपन्न समारोह में 'कमला गोइन्का फाउंडेशन' द्वारा 'भाभीश्री रमा देवी हिंदी साहित्य सम्मान' से सम्मानित किया गया | इस अवसर पर प्रो. शर्मा जी की काव्य-कृति 'प्रेम बना रहे' के तेलुगु प्रथम अनुवाद 'प्रेमा इला सागिपोनि' [अनुवादक : जी. परमेश्वर] का विमोचन भी हुआ | इसके पूर्व कविवर लक्ष्मी नारायण अग्रवाल ने सम्मानित साहित्यकार [ऋषभ देव शर्मा] का परिचय दिया. उस परिचय-वक्तव्य को ही यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है.
अगस्त ११, २०१३
पोट्टी श्रीरामुलु तेलुगु विश्वविद्यालय नामपल्ली, हैदराबाद
बुधवार, 14 अगस्त 2013
रविवार, 30 सितंबर 2012
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