बुधवार, 24 जुलाई 2013
शुक्रवार, 12 जुलाई 2013
सोमवार, 8 जुलाई 2013
साहित्य मंथन द्वारा गुर्रमकोंडा नीरजा का सारस्वत सम्मान
हैदराबाद, 7 जुलाई 2013.
गत दिनों 'आंध्र प्रदेश हिंदी अकादमी' का 'तेलुगुभाषी युवा हिंदी लेखक पुरस्कार - 2012' अर्जित करने के उपलक्ष्य में 'साहित्य मंथन' के तत्वावधान में आज यहाँ डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा का सारस्वत सम्मान किया गया. इस अवसर पर अध्यक्षासन से 'भास्वर भारत' के संपादक डॉ. राधेश्याम शुक्ल ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. मुख्य अतिथि डॉ. ऋषभ देव शर्मा, विशिष्ट अतिथिगण डॉ. एम. वेंकटेश्वर और डॉ. अहिल्या मिश्र ने लेखिका को शॉल, स्मृति-चिह्न और लेखन सामग्री भेंट की. जी. संगीता, गुरु दयाल अग्रवाल, ज्योति नारायण और डॉ. बी.बालाजी ने भी मान-चिह्न प्रदान किए .
डॉ. नीरजा ने साहित्य मंथन के प्रति कृतज्ञता प्रकट की.
आशीष नैथानी की 'तिश्नगी' लोकार्पित
आज 7/7/2013 [रविवार] को 'साहित्य मंथन' के मंच से आशीष नैथानी सलिल के प्रथम कविता संग्रह 'तिश्नगी' को लोकार्पित करने का सुयोग इन पंक्तियों के लेखक के हाथों को मिला -इस पुस्तक की भूमिका भी अपुन ने ही लिखी है. अध्यक्षता डॉ. राधेश्याम शुक्ल ने की; समीक्षा डॉ. बी. बालाजी ने. आशीर्वचन डॉ. एम. वेंकटेश्वर, डॉ. अहिल्या मिश्र और दीपांकर जोशी ने दिए. सरस्वती वंदना ज्योति नारायण ने की. संचालन डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा ने किया - सहयोगी रहे राधाकृष्ण मिरियाला और जी. संगीता.
लंबे अरसे बाद आज अपने गुरुदयाल अग्रवाल जी आए तो स्वाभाविक था कि हम लोग 'क्षेत्रा' में जमे. शेरोशायरी चली. कविता जी, गोपाल शर्मा जी और स्वर्गीय चंद्रमौलेश्वर जी की कमी बेहद खली. खैर .... हम पीछे छूटे हुए लोग ठहरे! [ऋ.]
गुरुवार, 4 जुलाई 2013
बुधवार, 3 जुलाई 2013
आशीष नैथानी की ‘तिश्नगी’ का लोकार्पण 7 को
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| साहित्य मंथन 13-2/1/ए - गुप्ता गार्डन, हैदराबाद - 500 013, मोबाइल - 09293228461 |
“अंधेरी रात में/
रोशन सुबह का ख़्वाब अच्छा है./ बच्चे के चहरे पे हँसी है/
शहर में,/
कुछ तो जनाब अच्छा है.”
यह कविता युवा कवि आशीष नैथानी ‘सलिल’ के सद्यःप्रकाशित कविता संग्रह ‘तिश्नगी’ में शामिल है. उत्तराखंड के पौड़ी गडवाल में जन्मे आशीष नैथानी इन दिनों हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और एक सक्रिय ब्लॉगर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं.
‘साहित्य मंथन’ के तत्वावधान में आगामी 7 जुलाई, 2013, रविवार को सायं 4 बजे दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के खैरताबाद स्थित परिसर में आशीष नैथानी ‘सलिल’ के प्रथम कविता संग्रह ‘तिश्नगी’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया जा रहा है.
लोकार्पण प्रतिष्ठित कवि एवं समीक्षक प्रो ऋषभदेव शर्मा द्वारा किया जाएगा तथा प्रो एम.वेंकटेश्वर एवं डॉ अहिल्या मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे. ‘भास्वर भारत’ के संपादक डॉ राधेश्याम शुक्ल लोकार्पण समारोह के अध्यक्ष होंगे. युवा समीक्षक डॉ बी.बालाजी विमोच्य कृति का परिचय देंगे.
लोकार्पण प्रतिष्ठित कवि एवं समीक्षक प्रो ऋषभदेव शर्मा द्वारा किया जाएगा तथा प्रो एम.वेंकटेश्वर एवं डॉ अहिल्या मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे. ‘भास्वर भारत’ के संपादक डॉ राधेश्याम शुक्ल लोकार्पण समारोह के अध्यक्ष होंगे. युवा समीक्षक डॉ बी.बालाजी विमोच्य कृति का परिचय देंगे.
आज आयोजित ‘साहित्य मंथन’ की बैठक में लोकार्पण समारोह समिति का गठन किया गया. जिसके सदस्यों में डॉ जी.नीरजा, ज्योति नारायण, राधाकृष्ण मिरियाला और जी.संगीता के नाम सम्मिलित हैं.
समारोह संयोजक डॉ जी.नीरजा ने सभी साहित्य प्रेमियों से ‘तिश्नगी’ के लोकार्पण समारोह में उपस्थित होने का अनुरोध किया है.


शुक्रवार, 21 जून 2013
बीडीएल, भानूर इकाई में हिंदी कार्यशाला संपन्न
| बीडीएल, भानूर में संपन्न हिंदी कार्यशाला के दूसरे दिन (21 जून) को प्रतिभागी अधिकारियों के साथ अतिथि व्याख्याता डॉ. ऋषभ देव शर्मा |
मेदक जिले [आंध्र प्रदेश] में स्थित भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल), भानूर इकाई में दि.20-21 जून 2013 को राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भानूर इकाई के तत्वावधान में दोदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में इकाई के अधिकारियों को राजभाषा नीति, हिंदी व्याकरण, कार्यालयी पत्रचार, टिप्पण एवं प्रारूपण तथा अनुवाद आदि विषयों का ज्ञान कराया गया।
दिनांक 20 जून, 2013 को प्रथम सत्र में बृहस्पति शर्मा ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बड़े ही रोचक और सरल ढंग से कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले सामान्य टिप्पणियाँ और प्रारूप हिंदी में लिखने का अभ्यास कराया। द्वितीय सत्र में इकाई के अवर प्रबंधक (राजभाषा) डॉ बी बालाजी ने राजभाषा कार्यान्वयन में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए राजभाषा हिंदी का सामान्य परिचय दिया और कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले कार्यालयी पत्र लिखवाए और उनका अभ्यास करवाया।
कार्यक्रम की सफलता में कार्मिक एवं प्रशासन विभाग के सभी कर्मचारियों का सक्रिय योगदान रहा। डॉ बी बालाजी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
प्रस्तुति : बी बालाजी
अवर प्रबंधक (राजभाषा), भारत डायनामिक्स लिमिटेड , भानूर
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